सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

morning walk time

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Day 2 ( Observing)

जब कोई किसी का इंतजार करता है तो कुछ लोग अपनी निगाहें जमीन में गड़ाय रखते हैं तो कुछ लोग आसपास से गुजरने वालों को देखते है।मुझे नहीं मालूम की आखिर मै ऐसा क्यों करता हूं ये उस हवा के झोंके जैसा है जिस से पौधे कुछ अंश तक झुक जाते हैंऔर हवा के गुजरने के बाद फिर अपनी जगह पर आ जाते हैं।               रास्ते में चलते हुए उसे खंभा नजर आता है जिस का ऊपरी हिस्सा किसी चीज से सटा हुआ था। खंभा सिलेंडर के आकार में था। खंभे के आधे भाग में सूर्य का प्रकाश था और ठीक आधे भाग में छांव था। प्रकाश और छांव के मेल से खंभे पर दो लकीर बन रही थी ।और उसकी एक लकीर पर चीटियां खंभे के ऊपर  चढ़ रही थी ।और कुछ चीटियां नीचे उतर रही थी ।ऊपर जाने वाले चीटियों की संख्या ज्यादा थी जबकि नीचे उतरने वाले चीटियों की संख्या कम। उन चीटियों के आधे भाग में प्रकाश था और आधे भाग में छांव।                     एक जगह मैंने देखा कि कुछ लोग अंदर जा रहे थे और कुछ लोग बाहर निकल रहे थे। मैं कुछ देर तक वहीं खड़ा रहा मैंने रास्ते में जाते हुए एक आदम...