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My first ebook on Amazon

https://www.amazon.in/dp/B07Z271P5F/ref=cm_sw_r_cp_awdb_t1_M7qRDbNRWBFRZ There are two ways to write a book. First read a lot of books and know how to write a book. How to describe emotion , thought in words. How to frame sentence.How to write like a professionals. And second way is to write a story or a book in own style. Use your own emotion to write a story, frame sentence as you like . I started writing this book in 2012. I typed first letter and my thoughts and emotion came into words. I don’t  know how to write a story and also don’t know the story. I typed one letter then second then third and it becomes a sentence. The first sentence then second and third and it becomes a paragraph.      I don’t know the future and also don’t know which sentence comes next I just write . It looks like thoughts are coming from unknown place, and becoming words which I type. It becomes words , then sentences then paragraph and then becomes an story.   ...

Day 9 (The prophecy )

          आसिफ़ अपनी डायरी बंद करता है और  अपने अतीत में हुए घटनाओं की याद करने की कोशिश करता है ।उसे पता चलता है कि उसने भविष्य के बारे में कुछ कहा था ।  उसने लोगों को निवेश के बारे में बताया। फेसबुक आएगा जिसका फाउंडर मार्क जुकरबर्ग है।यह 2004 में कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए ओपन रहेगा फिर 2006 में पब्लिक के लिए ओपन हो जाएगा।  उसने बताया था कि आप इसके शेयर  खरीद लेना। क्योंकि मार्क जुकरबर्ग फेसबुक की वजह से बिलेनियर बना। वह टॉप टेन अमीर व्यक्तियों में शामिल हो गया।             उसने बताया था कि बिटकॉइन क्रिप्टोकरंसी आएगी जो कि बबल होगा। जिसका फाउंडर सतोशी नाकामोतो है फिर भी कोई नहीं जानता कि सतोशी नाकामोतो दिखता कैसा है।उसने बताया था कि 2009 में इसे bitcoin.org  से खरीद लेना उसने यह भी बताया था कि बिटकॉइन की कीमत सबसे ऊपर कब रहेगी ।the date is 15 December 2017। उसने कहा था कि अगर आप 2009 में 100000 बिटकॉइन या 1000000 बिटकॉइन या 10000000 बिटकॉइन खरीद लेते हैं और 15 दिसंबर 2017 को इसे बेच देते हैं यह वह दिन है जि...

Day 7 (The Right and Wrong Direction)

हम छोटी- छोटी खुशियां मनाते हैं और इससे हम अपनी दुनिया बनाते हैं, क्या सदियों से दुनिया ऐसी चलती आ रही है?कभी- कभी हम किसी चीज से डर कर अपना रास्ता मोड़ लेते हैं हमें पता ही नहीं होता कि वह रास्ता कहां जाएगा, हम आगे जाते रहते हैं और हम वह चीज ढूंढ लेते हैं जो चीज हमने पहले कभी नहीं ढूंढा था ऐसा मेरे साथ भी हुआ, मैंने वो चीज देखा  जो मैंने पहले कभी नहीं देखा था,मैंने कुछ सवाल लोगों से पूछा जो मेरे मन में चल रहा था और जवाब मेरे सामने हाजिर था। हमें थोड़ा सा साहस करके पूछना भर होता है और जवाब भी मिल जाता है, जवाब देने वालों की आंखों में कुछ देर के लिए चमक आ जाती है, क्योंकि उन्हें लगता है कि जो चीज उन्होंने सीखा है वह किसी काम के नहीं, वैसे भी मैं बोर हो रहे होते हैं क्योंकि उनके पास करने को कुछ और नहीं होता।                  मैं सोचता हूं रास्ता काफी लंबा हो, ऐसे लोगों से मिलूं जिनके बारे में मैं हमेशा सोचता था (पर ऐसा कभी होता नहीं था) वह काम करूं जिसे करने की मेरी हमेशा से चाहत रहती थी (पर कभी कर नहीं पाता था) मेरे साथ कोई रहे (जिस पर ...

Day 6 (Remembering Childhood)

वो उठकर बाहर गया और उगते सूरज को देखता रहा फिर वहां से चलना शुरू कर दिया। रोज की तरह उसने चीजों को देखा।वह सोचता है काफी दिन बीत चुके हैं वही रास्ते है, वही पेड़ पौधे, मैं उनसे बातें नहीं कर सकता।मै उन्हें देख सकता हूं कई समय से यह वही के वही खड़े हैं ,बिना कुछ कहे। ये मेरे साथ हमेशा से हैं अकेलेपन में भी और मुसीबतों के दौर में भी। मेरी आंखें उन दिनों को याद कर रहा था जब मैं पढ़ाई करता था। मेरा नाम आसिफ़ था आसिफ़ ने कुछ लोगों की आंखों में चमक देखी। उसने उन व्यक्तियों को पहली बार देखा था। उसका  मन उसे कुछ कह रहा था।उसने आकर्षण को महसूस किया। शायद यह वही चीज थी जो कई सालों से लगातार चलती आ रही है। लोगों की समझ से बाहर, पर यह उसे एक नई चीज सिखा रही थी।उसे कुछ चंद सेकेंड के लिए आनंद का आभास हुआ ।उसने देखा कि कुछ लोग समय को रोकना चाहते थे और वो उस पल में ही रहना चाहते थे पर समय हर रोज की तरह चला जा रहा था  आसिफ़ कोने में खड़ा सोच रहा था,उसका मस्तिष्क  प्रश्नों से भरा था फिर भी वह कुछ देर के लिए ठहर सा गया। वह सोच रहा था कि कैसे वह कुछ लोगों के चेहरे देखकर ही उसे कुछ आभास होने...

Day 4 ( Finding reason)

आखिर क्यों कुछ लोग मरने का निर्णय लेते हैं तो कुछ लोग जिंदा रहने का। क्या हम अकेले हैं या फिर हमारे साथ कोई है जो हमारी मदद करता है जिनके बारे में हम नहीं जानते ।              मैं जिंदा हूं इसके लिए मैं कृतज्ञ हूं। हर वह चीज जिसे मैंने देखा है , हर वो रास्ता जिस पर मैंने चला है। हर वो आदमी जो कुछ कहता है ।मैं सिर्फ रास्ता चुन सकता था ।और मैंने जिंदा रहने का रास्ता चुना ।मेरे लिए वर्तमान ही काफी था।             हर चीज के होने का एक वजह है पेड़ों से पत्तियां गिर जाती है और उसी पेड़ पर पत्तियां उग जाती है। गिरी हुई पत्तियों का भी वजह है और उगने वाली पत्तियों का भी एक वजह है।                अकेलापन उस चीज के बारे में सोचने पर मजबूर कर देता है जिस चीज के बारे में पहले कभी न सोचा था ।हर दिन एक जैसा नहीं होता है फिर भी हम एक जैसा महसूस करते हैं ।               वह व्यक्ति बादलों को देखता है फिर पक्षियों को। अचानक मौसम बदलता है फिर बादलों से पानी गिरने ...

Day 3 (Storyteller)

मैं जितने लोगों से मिला हूं उनके पास कहने के लिए कुछ था मैं लोगों की बातें सुनता हूं और कुछ लोगों को काम करते देखता हूं। ताकि मैं कुछ समझ सकूं। या फिर यूं कहे कि मैं मुफ्त की चीजें देखने का आदी हूं। रास्ते में कभी कुछ लोग मिल जाते हैं तो कभी यूं ही अकेला खामोश पैदल चलता रहता हूं ।मैं आसपास की चीजों व हलचल को समझने की कोशिश करता हूं ।ठीक उसी तरह जिस तरह अनजान व्यक्ति अनजान जगह पर करता है। कभी-कभी तो मैं खुद समझ नहीं पाता कि मैं यहां क्यों हूं। कभी-कभी सोचता हूं कि मेरे साथ चमत्कार क्यों नहीं होता या फिर मेरे साथ चमत्कार होते हुए भी मैं उसे नहीं देख पाता हूं। मैं क्यों अकेला हूं खुद के सवालों का जवाब पाने के लिए ।आखिर क्यों कुछ लोग दिल को छू जाते हैं तो कुछ लोग नहीं।               इतना अंतर क्यों है। क्या चीज मुझे एक चीज को चुनना सिखाती है और दूसरे को नहीं ।                कभी-कभी मैं सोचता हूं कि मैं एक ऐसी जिंदगी जी रहा हूं जिसका कोई मतलब नहीं। वही हवाओं के झोंके ,वही आसमान ,वही मौसम ,वही जगह और वही मैं। ...

Day 2 ( Observing)

जब कोई किसी का इंतजार करता है तो कुछ लोग अपनी निगाहें जमीन में गड़ाय रखते हैं तो कुछ लोग आसपास से गुजरने वालों को देखते है।मुझे नहीं मालूम की आखिर मै ऐसा क्यों करता हूं ये उस हवा के झोंके जैसा है जिस से पौधे कुछ अंश तक झुक जाते हैंऔर हवा के गुजरने के बाद फिर अपनी जगह पर आ जाते हैं।               रास्ते में चलते हुए उसे खंभा नजर आता है जिस का ऊपरी हिस्सा किसी चीज से सटा हुआ था। खंभा सिलेंडर के आकार में था। खंभे के आधे भाग में सूर्य का प्रकाश था और ठीक आधे भाग में छांव था। प्रकाश और छांव के मेल से खंभे पर दो लकीर बन रही थी ।और उसकी एक लकीर पर चीटियां खंभे के ऊपर  चढ़ रही थी ।और कुछ चीटियां नीचे उतर रही थी ।ऊपर जाने वाले चीटियों की संख्या ज्यादा थी जबकि नीचे उतरने वाले चीटियों की संख्या कम। उन चीटियों के आधे भाग में प्रकाश था और आधे भाग में छांव।                     एक जगह मैंने देखा कि कुछ लोग अंदर जा रहे थे और कुछ लोग बाहर निकल रहे थे। मैं कुछ देर तक वहीं खड़ा रहा मैंने रास्ते में जाते हुए एक आदम...