Skip to main content

Day 13 (One percent)

मैं अपनी कमाई का 1% हिस्सा उस लड़के  को देना चाहता हूं जिसने मुझे वो दिखाया जो मैं देख नहीं पाया। और वह 1% में दुनिया का सबसे बड़ा लॉकर तोड़ता है और उसमें रहता है बिटकॉइन (यह होता है जब बिटकॉइन बनने से कई साल पहले)
 आसिफ कहता है बिटकॉइन ,ये बिटकॉइन आखिर है क्या चीज़ कोई अपने लॉकर में बिटकॉइन क्यों रखेगा पर उसने तो कहा था कि उसने दुनिया का सबसे बड़ा लॉकर तोड़ा है और उस लॉकर में सबसे बड़ा खजाना। पर यह तो बिटकॉइन है।वह अपने आसपास वाले लोगों से पूछता है कि क्या वे बिटकॉइन के बारे में जानते हैं पर कुछ ने कहा नहीं और कुछ थे खामोश।
      आसिफ सोचता है कि उस व्यक्ति ने उससे झूठ बोला होगा और वह व्यक्ति आसिफ का ही एक रूप  है ।आसिफ दो कैरेक्टर में हैं ।एक वो जो वर्तमान में है और एक वह जो भविष्य में है। आसिफ बिटकॉइन के बारे में भूल जाता है क्योंकि उसे लगा किसी ने उससे झूठ बोला। आसिफ अपने दोस्तों और व्यापारियों से कहता है कि क्या आप अपनी कमाई का 1% हिस्सा मुझे दे सकते हैं 99% आप रख लेना। जब आसिफ  ने यह कहा तो लोगों  ने उसकी आंखों को देखा ।नजर मिलाई पर मुझे याद नहीं उन्होंने क्या कहा।क्या वे  खामोश थे या फिर गुस्सा या फिर उनकी आंखों में मदद का भाव या फिर उन्हें लगा कि मैं एक लुटेरा हूं ।मैंने कहा 1% देने में आपको क्या दिक्कत है आपके हां या ना कहने पर आपके बारे में मुझे पता चल जाएगा।आसिफ जोर से कहता है कि अगर आप में से कोई अपनी कमाई 1% मुझे देना चाहते हैं तो दे देना किसी से कोई जबरदस्ती नहीं है क्योंकि किसी ने मुझे अपनी कमाई का 1% दिया है और उसमें था बिटकॉइन ।उसने मुझे यह दिया क्योंकि उसने कहा-

 मैं अपनी कमाई का 1% उस लड़के को देना चाहता हूं क्योंकि उसने मुझे वो दिखाया जो मैं देख नहीं पाया।

Comments

Popular posts from this blog

Day 2 ( Observing)

जब कोई किसी का इंतजार करता है तो कुछ लोग अपनी निगाहें जमीन में गड़ाय रखते हैं तो कुछ लोग आसपास से गुजरने वालों को देखते है।मुझे नहीं मालूम की आखिर मै ऐसा क्यों करता हूं ये उस हवा के झोंके जैसा है जिस से पौधे कुछ अंश तक झुक जाते हैंऔर हवा के गुजरने के बाद फिर अपनी जगह पर आ जाते हैं।               रास्ते में चलते हुए उसे खंभा नजर आता है जिस का ऊपरी हिस्सा किसी चीज से सटा हुआ था। खंभा सिलेंडर के आकार में था। खंभे के आधे भाग में सूर्य का प्रकाश था और ठीक आधे भाग में छांव था। प्रकाश और छांव के मेल से खंभे पर दो लकीर बन रही थी ।और उसकी एक लकीर पर चीटियां खंभे के ऊपर  चढ़ रही थी ।और कुछ चीटियां नीचे उतर रही थी ।ऊपर जाने वाले चीटियों की संख्या ज्यादा थी जबकि नीचे उतरने वाले चीटियों की संख्या कम। उन चीटियों के आधे भाग में प्रकाश था और आधे भाग में छांव।                     एक जगह मैंने देखा कि कुछ लोग अंदर जा रहे थे और कुछ लोग बाहर निकल रहे थे। मैं कुछ देर तक वहीं खड़ा रहा मैंने रास्ते में जाते हुए एक आदम...